Shri Vile Parle Kelavani Mandal’s
C.N.M. School & N.D. Parekh Pre-Primary School
बच्चे काम पर जा रहे हैं (राजेश जोशी )
CLASS - VII
समानाथी शब्द
ववलोम शब्द
कोहरा - धुध
ं
सुबह x शाम
सड़क - रास्ता मागग
सवाल x जवाब
सुबह - सवेरा
रं ग x बेरंग
वववरण - वणगन
शेष x लन:शेष
भयानक - डरावना
समय x असमय
सवाल - प्रश्न
काले x सफेद
अंतररक्ष - आसमान
दीमक - वाल्मीकक
ककताब- पुस्तक
पहाड़- पवगत
भूकंप – भूचाल
मदरसा- ववद्यालय
बगीचे - उपवन
एकाएक - अचानक
बचा- शेष, बाकी
दलु नया- संसार
हस्बमामूल - यथावत, पूवव
ग त
अवतरण के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजजए ।
कोहरे से ढकी सड़क पर
बच्चे काम पर जा रहे हैं ।
प्रश्न 1. बच्चे ककस मौसम में और कब काम पर जा रहे हैं ? बच्चों का काम पर जाना
कवव को भयानक क्यों लगता है ?
उत्तर- बच्चे कड़ी सदी के मौसम में सुबह-सुबह कोहरे से ढकी सड़क पर काम पर जा रहे हैं ।
बच्चों का काम पर जाना कवव को भयानक लगता है क्योंकक आज के बच्चे कल का भववष्य
हैं । जजस उम्र में बच्चों को खेल कूदकर बचपन का आनंद लेना चाकहए, स्वस्थ और सबल
बनना चाकहए तथा पढ़-ललखकर योग्य नागररक बनना चाकहए उस उम्र में काम करके अपना
भववष्य अंधकामय कर रहे हैं ।
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प्रश्न 2- कवव के अनुसार बच्चों के काम पर जाने की भयानक बात को वववरण की तरह न
ललखकर सवाल के रूप में क्यों पूछा जाना चाकहए ?
उत्तर- अक्सर हम समस्याओं को वववरण की तरह ललखते हैं । उस पर चचाग होती रहती है
और कोई हल नहीं लनकलता है । समस्याओं को सवालों की तरह ललखने से यह फायदा होता
है कक उसका जवाब लमल जाता है तथा एक हद तक उस समस्या का समाधान भी हो जाता
है ।
क्या अंतररक्ष में लगर गई है सारी गेंदे ?
क्या दीमकों ने खा ललया है सारी रं ग वबरं गी ककताबों को ?
क्या काले पहाड़ के नीचे दब गए हैं सारे जखलौने ?
प्रश्न1- कवव ने गेंदों की तुलना ककससे की है व क्यों ? काले पहाड़ के नीचे क्या दब गया है ?
उत्तर- कवव ने गेंदों की तुलना नक्षत्रों से की है , क्योंकक वे भी गोल हैं तथा गेंद की तरह
घूमते हैं । काले पहाड़ के नीचे जखलौने दब गए हैं ।
प्रश्न 2 - गेंदों, ककताबों तथा जखलौनों का बच्चों के जीवन में क्या महत्व है ?
उत्तर- गेंद और जखलौने बच्चों के खेलने के ललए होते हैं । खेल और जखलौनों के माध्यम से
ही बच्चे अनेक बातें सीखते हैं । खेल-खेल में ही बच्चों का शारीररक, बौविक एवं सामाजजक
ववकास होता है और वे आत्मलनभगर बनते हैं । ककताबें उन्हें ज्ञान दे ती हैं । हमेशा अच्छी बातें
ही लसखाती हैं । उनका मागगदशगन करती हैं । चररत्र लनमागण कर उन्हें एक सभ्य नागररक
बनाती हैं ।
प्रश्न 3 - प्रस्तुत कववता में काले पहाड़ ककसके प्रतीक हैं ? यह काले पहाड़ ककस तरह हालनप्रद
हैं ?
उत्तर- प्रस्तुत कववता में काले पहाड़ समाज में व्याप्त शोषण व्यवस्था के प्रतीक हैं । इसी
व्यवस्था के कारण समाज का एक वगग बच्चों का शोषण करता है । उनसे काम करवाकर
उनका भववष्य खराब करता है और बहुत कम मजदरू ी दे कर अपनी जेब भरता है ।
प्रश्न 4 - घरों के आंगन खत्म होने का क्या तात्पयग है ? घर व आँगन ककस बात के प्रतीक
हैं ?
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उत्तर - घरों के आंगन खत्म होने का तात्पयग बच्चों का पररवार के स्नेह और संरक्षण से
वंलचत रहना है । घर व आंगन बच्चों का एक सुरजक्षत वातावरण में रहने व खेलने का प्रतीक
हैं । जब बच्चे घर के आँगन में खेलते हैं तो वे यह जानते हैं कक चारदीवारी के अंदर वे
सुरजक्षत हैं इसललए लनजचंत होकर खेलते हैं ।
ककतना भयानक होता अगर ऐसा होता
भयानक है लेककन इससे भी ज्यादा यह है
कक हैं सारी चीजें हस्बमामूल
पर दलु नया की हजारों सड़कों से गुजरते हुए
बच्चे, बहुत छोट-छोटे बच्चे काम पर जा रहे हैं ।
प्रश्न1 - कवव की पीड़ा क्या है ?
उत्तर- कवव की पीड़ा यह है कक इन बच्चों का बचपन जबरजस्ती छीना जा रहा है । इन्हें
खेलने और पढ़ने का अवसर नहीं कदया जा रहा है और काम पर जाने को वववश ककया जा
रहा है ।
प्रश्न 2 - 'हस्बमामूल' कहकर कवव क्या कहना चाह रहा है ?
उत्तर- ‘हस्बमामूल’ अथागत सारी वस्तुएँ वैसी हैं जैसी होनी चाकहए। संसार में चीजों का अभाव
नहीं है पर ये चीजें इन बच्चों को नहीं लमल पाती है । इन्हें इनसे वंलचत ककया जाता है । यह
एक भयानक एवं ववडं बना पूणग जस्थलत है ।
प्रश्न 3- 'दलु नया की हजारों सड़कों से गुजरते हुए' कहकर कवव ने ककस ओर संकेत ककया है ?
उत्तर- ‘दलु नया की हजारों सड़कों से गुजरते हुए’ कहकर कवव ने बाल मज़दरू ी की समस्या की
व्यापकता की ओर संकेत ककया है । यह समस्या ककसी दे श ववशेष की न होकर पूरे ववश्व की
समस्या है । गरीबी के कारण दलु नयाभर में लाखों करोड़ों बच्चे बाल श्रलमक बनने को वववश
हैं ।
प्रश्न 4 - बच्चों का काम पर जाना धरती के एक बड़े हादसे के समान क्यों है ?
उत्तर - बच्चे समाज का भववष्य, आईना और दे श की प्रगलत का एक अहम ् कहस्सा होते हैं ।
यकद समाज के इस सबसे महत्त्वपूणग अंग को यकद आप उलचत दे खभाल और अवसर प्रदान
नहीं करे गें तो समाज प्रगलत कैसे करे गा। सभी बच्चे एक समान होते हैं , उन्हें उनके बचपन
से वंलचत रखना अपने आप में घोर अपराध तथा अमानवीय कमग है । इसललए बच्चों का काम
पर जाना धरती के एक बड़े हादसे के समान है ।
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प्रश्न 5 - ’बच्चे काम पर जा रहे हैं ’ कववता में कवव ने समाज के ललए क्या संदेश कदया है ?
उत्तर-‘बच्चे काम पर जा रहे हैं ’ कववता में कवव ने बाल मज़दरू ी की समस्या को प्रमुखता से
उभारा है । वह चाहता है कक समाज इन बच्चों के बारे में कुछ सोचे और उन्हें बाल-मज़दरू ी
से छुटकारा कदलाए। जजससे उनका भववष्य सुरजक्षत हो सके। सभी लोग लमलकर बच्चों को
पढ़ने-ललखने, खेलने-कूदने का अवसर प्रदान कराएँ जजससे पढ़-ललखकर यही बच्चे कल दे श
के सुयोग्य नागररक बन सकें।
प्रश्न 6 - बाल श्रम क्या है ? इसे रोकने के ललए कुछ सुझाव दीजजए।
उत्तर- 14 वषग से कम उम्र के बच्चों से काम करवाना बाल श्रम कहलाता है । सरकार द्वारा
इससे अपराध घोवषत ककया गया है । इसे रोकने के ललए कुछ सुझाव हैं - जैसे सरकार को
अत्यंत गरीबों को मूलभूत सुववधाएँ उपलब्ध करवानी चाकहए ताकक गरीबी के कारण वह
अपने बच्चों को काम पर भेजने के ललए वववश न हो। बच्चों से काम करवाने वालों को
कठोर दं ड कदया जाना चाकहए। बाल श्रलमकों की पहचान कर उनकी लशक्षा और प्रलशक्षण की
व्यवस्था की जानी चाकहए। इस कदशा में समाज को भी अपनी सोच में बदलाव लाने की
आवश्यकता है ।
व्यावहाररक प्रश्न
प्रश्न1- आपके ववचार से बच्चों को काम पर क्यों नहीं भेजा जाना चाकहए ? उन्हें क्या करने के
मौके लमलने चाकहए ?
प्रश्न2- काम पर जाते ककसी बच्चे के स्थान पर अपने-आप को रखकर दे जखए। आपको जो
महसूस होता है उसे ललजखए।
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